नमस्ते दोस्तों,
हम सभी अपनी ज़िंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं। एक नया कौशल सीखना, एक नया बिज़नेस शुरू करना, या एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। लेकिन अक्सर हम सोचते हैं कि हमें बस प्रेरणा (motivation) की ज़रूरत है। हम किसी की सफलता की कहानी सुनते हैं, जोश में आ जाते हैं और काम शुरू कर देते हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद, वह जोश ठंडा पड़ जाता है।
ऐसा क्यों होता है? क्योंकि प्रेरणा हमें सिर्फ़ शुरुआत करने में मदद करती है, लेकिन आदत ही वह शक्ति है जो हमें आगे बढ़ाती रहती है।
प्रेरणा: चिंगारी जो आग लगाती है
प्रेरणा एक तेज़, तात्कालिक ऊर्जा की तरह है। जब आप कोई प्रेरक वीडियो देखते हैं या किसी की सफलता से प्रभावित होते हैं, तो आपको लगता है कि आप कुछ भी कर सकते हैं। यह भावना बहुत शक्तिशाली होती है। यह आपको अपनी आलस्य की जंजीरों को तोड़ने और पहला कदम उठाने में मदद करती है।
एक नई फिटनेस रूटीन शुरू करना।
सुबह जल्दी उठना।
किसी नए प्रोजेक्ट पर काम करना।
प्रेरणा के बिना, हम शायद कभी शुरुआत ही न कर पाएँ। लेकिन यह सिर्फ़ एक चिंगारी है, आग नहीं।
आदत: वह ईंधन जो आग को जलाए रखता है
जब प्रेरणा की चिंगारी बुझ जाती है, तब आदत का काम शुरू होता है। आदत वह है जो आपको तब भी काम करने के लिए मजबूर करती है जब आपका मन न हो। यह एक स्वचालित (automatic) प्रक्रिया है जो आपके दिमाग को यह सोचने का समय नहीं देती कि 'क्या मैं यह करूँ या न करूँ?'।
रोज़ सुबह 5 बजे उठना आदत है, प्रेरणा नहीं।
हर दिन 30 मिनट पढ़ना आदत है, प्रेरणा नहीं।
अपनी डाइट का ध्यान रखना आदत है, प्रेरणा नहीं।
आदत आपको स्थिरता और निरंतरता देती है। यह आपको छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है, जो समय के साथ एक बड़ा परिणाम देते हैं।
प्रेरणा से आदत तक का सफ़र
तो, इस सफ़र की शुरुआत कैसे करें?
प्रेरणा को पहला कदम बनाने दें: जब आप प्रेरित महसूस करें, तो उस ऊर्जा का उपयोग पहला कदम उठाने के लिए करें। बड़ा काम न करें, बस शुरुआत करें।
छोटे कदम उठाएँ: किसी भी नई आदत को शुरू करने के लिए उसे इतना छोटा बना दें कि उसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो। उदाहरण के लिए, 'मैं रोज़ 30 मिनट कसरत करूँगा' की जगह 'मैं रोज़ 5 मिनट कसरत करूँगा' सोचें।
निरंतरता पर ध्यान दें: शुरुआत में परिणाम पर ध्यान न दें। अपनी आदत को लगातार बनाए रखने पर ध्यान दें। जब आप लगातार एक ही काम करते हैं, तो आपका दिमाग उसे एक आदत के रूप में स्वीकार कर लेता है।
निष्कर्ष
प्रेरणा एक शानदार शुरुआत है, लेकिन यह आपको मंज़िल तक नहीं पहुँचा सकती। मंज़िल तक पहुँचने के लिए आपको आदत की ज़रूरत होती है।
तो दोस्तों, अगली बार जब आप प्रेरित महसूस करें, तो उस ऊर्जा को एक नई आदत बनाने में लगाएँ। क्योंकि आपकी आदतें ही आपके भविष्य का निर्माण करती हैं।
धन्यवाद,
Madhusudan Somani,
Ludhiana, Punjab.
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